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बुरी खबर आभी अभी भाजपा के सबसे बड़े नेता की मोंत पुरे देश में फेला मातम....देखे

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किसी ने सही कहा हैं, “किश्तिया बह जाती हैं तूफ़ान चले जाते हैं, यादे रह जाती हैं इंसान चले जाते हैं | ऐसा ही कुछ हुआ भारतीय राजनीती में, जहाँ बीजेपी के एक बड़े नेता ने सदा सदा के लिए अपनी आँखे बंद कर ली | भारतीय जनता पार्टी के लिए इस नेता को खोना पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी क्षति माना जा रहा हैं| बीजेपी के सभी नेता जहां दुःख में दिखाई दिए वही पीएम मोदी ने भी अपनी पार्टी के एक बड़े नेता की मृत्यु पर गहरा शोंक वयक्त किया हैं |आपकी जानकरी के लिए बता दे , बीजेपी सांसद महंत चांदनाथ का बीते शनिवार देर रात्रि निधन हो गया, वह लम्बी बीमारी से जूझ रहे थे |
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61 वर्षीय हरियाणा के रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ मठ के महंत चांदनाथ राजस्थान के अलवर से सांसद थे| बीजेपी के राजस्थान प्रवक्ता आनंद शर्मा ने बताया की सांसद महंत चांदनाथ गले के कैंसर से पीड़ित थे वही अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे |करीब ढाई वर्षो से प्राणघातक इन बीमारियो से लड़ते हुए सांसद महंत चांदनाथ ने शनिवार देर रात प्राण त्याग दिए |सांसद महंत चांदनाथ की मृत्यु पर पीएम मोदी ने भी दुःख प्रकट किया हैं |
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बीजेपी सांसद महंत चांदनाथ का जन्म दिल्ली के बेगमपुर में 21 जून सन 1956 में हुआ था | सन 1976 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से कला (हिंदी) संकाय में स्नातक करने वाले महंत चांदनाथ ने महंत श्रेयनाथ जी से दीक्षा लेकर रोहतक के स्थल बोहर में बाबा मस्तनाथ से जुड़ गये |बता दे, बहुत वर्षो तक महंत चांदनाथ ने ‘मस्तनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस’ के अंतर्गत आने वाले बहुत से कॉलेज की स्थापना की |हरियाणा सरकार से सन 2012-2013 के शैक्षिक सत्र में संस्थानों के समूह को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाकर महंत चांदनाथ इसके चांसलर बने थे |
सन 2004 में बीजेपी से जुडकर महंत चांदनाथ राजस्थान से विधायक निर्वाचित हुए |इसके 10 वर्षो के बाद हुए सन 2014 के चुनाव में कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को हराकर महंत चांदनाथ अलवर से लोकसभा सांसद बने| महंत चांदनाथ जी के नाम एक और उपलब्धी थी, वह मानव विकास संसाधन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के परामर्शदात्री समिति के सदस्य भी थे |मस्तनाथ मठ और नाथ सम्प्रदायपर महंत चांदनाथने कुछ किताबे भी लिखी थी |
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